A-10 वचन से दूर कभी न जाएँ !

पवित्र शास्त्र बाइबल के वचन मसीही जीवन की नींव है, जो एक मसीही को पापमय संसार से अलग करते हैं। जिस प्रकार मनुष्य की शारीरिक उन्नति के लिए भोजन जरूरी है उसी प्रकार मनुष्य की आत्मिक उन्नति के लिए बाइबल के वचन जरूरी है। इसलिए एक मसीही के लिए यह आवश्यक है, कि वह बाइबल के वचनों मैं निरंतर बना रहे, उन पर चिंतन करे और अपने जीवन में लागू करता रहे। परंतु यदि एक मसीही के जीवन में परमेश्वर के वचन की प्राथमिकता नहीं है तो यह बहुत संभव है कि धीरे-धीरे परमेश्वर से उसका संबंध और विश्वास कमजोर पड़ता जाएगा और वह दूर चला जाएगा। मसीही जीवन में परमेश्वर के वचन की प्राथमिकता को जानने के लिए यह videos देखें।  

https://youtu.be/ZqjoePsJ-g4

https://youtu.be/3BOrO8jdHRE