A-21 बाइबिल में “किस्मत” कुछ नहीं।

मनुष्य का परमेश्वर से दूर होने का मतलब है परमेश्वर के ज्ञान से भी दूर होना, जिसका प्रमुख उदाहरण है पापमय संसार का “किस्मत” जैसे सिद्धांत पर विश्वास करना, जिसको मनुष्य परमेश्वर का विधान समझता है। यह ऐसा सिद्धांत है जो परमेश्वर को पक्षपाती बना देता है क्योंकि आज का आधुनिक समाज - सांसारिक सफलता को अच्छी किस्मत और असफलता को बुरी किस्मत मानता है। तो क्या ऐसा संभव है कि परमेश्वर, जो हमेशा न्याय करता है, किसी को पहले से ही सफलता के लिए और किसी को असफलता के लिए बनाता है?  पवित्र शास्त्र बाइबल के आधार पर सृष्टिकर्ता परमेश्वर न्याय करने वाला परमेश्वर है जो सभी मनुष्यों को एक समान देखता है l परमेश्वर में हम पक्षपात का स्वभाव नहीं जोड़ सकते क्योंकि पक्षपात पाप के स्वभाव से जन्म लिया हुआ सिद्धांत है। परमेश्वर की निष्पक्षता को और अच्छे से जाने के लिए यह वीडियो देखें।

https://youtu.be/gXBuxuCo-sQ