A-23 सिर्फ यीशु ही मार्ग सत्य और जीवन है।

जब सृष्टि की शुरुआत में ही मनुष्य ने परमेश्वर की आज्ञा ना मानकर परमेश्वर से अपना संबंध तोड़ लिया, तब परमेश्वर ने अपने प्रेम के कारण मनुष्य से अपना संबंध दोबारा स्थापित करने के लिए एक मार्ग निकाला - जो था मनुष्य के पापों का दंड भुगतने के लिए भविष्य में स्वयं का बलिदान (जिसे प्रभु यीशु मसीह ने आज से 2000 साल पहले पूरा कर दिया)। लेकिन मनुष्य ने अपनी अज्ञानता और पापमय स्वभाव के कारण परमेश्वर तक पहुंचने के अपने अलग-अलग मार्ग निकाल लिए, जिसका उदाहरण है आज संसार में मौजूद अनेकानेक धर्म। आज कोई तो ये  कहता है कि परमेश्वर तक पहुंचने के कई मार्ग हैं, तो कोई ये कहता है कि परमेश्वर तो एक ही है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं। लेकिन पवित्र शास्त्र बाइबल स्पष्ट रूप से सिखाती है कि परमेश्वर ने मनुष्य को स्वर्ग में अनंतकाल का जीवन देने के लिए केवल एक ही मार्ग निकाला -  जो है, अपने पापों से मन फिराकर यीशु मसीह के बलिदान पर विश्वास करना और उसके बताये मार्ग बाइबिल पर चलने को तैयार हो जाना l इसके अलावा और कोई सत्य नहीं है। इस विषय को स्पष्ट रूप से जानने के लिए ये वीडियो देखें।

https://youtu.be/avsHj39Z4pE

https://youtu.be/HBRTSJY-aTo

https://youtu.be/CINkzB2RirI

https://youtu.be/GtFv56c5AeM

https://youtu.be/oHqcXqxCv9M