A-29 क्या मांस खाना पाप है?
इसमें कोई संदेह की बात नहीं है कि दुनिया के सभी प्राणियों में से परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरूप में सबसे बुद्धिमान प्राणी बनाया है। सभी प्राणियों में से सिर्फ मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जो अपनी बुद्धि के कारण आपस में तर्क संवाद कर सकता है। परंतु यह बहुत खेदजनक है, कि जब हम बात करते हैं परमेश्वर की बुद्धि, यानि पवित्र शास्त्र बाइबल के सत्य वचनों की, तब मनुष्य अपने पापमय स्वभाव के कारण और परमेश्वर की बुद्धि न होने की वजह से तर्कहीन हो जाता है, जिसका उदाहरण यह है कि आज कई मनुष्य मांस खाने को अनैतिक और पाप समझता हैं। सच तो यह है कि पाप हमेशा बुरे परिणाम ही लाता है, लेकिन ऐसा कोई भी उदाहरण नहीं है की सही विधि और सही तरीके से मांस खाए जाने पर किसी का नुकसान हुआ हो। हालांकि बाइबल के आधार पर मांस खाना अनिवार्य नहीं है, और मनुष्य अपनी इच्छा से शाकाहारी भी रह सकता है, परंतु सही मात्रा और सही तरीके से मांस खाना मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए अच्छा भी है। मनुष्य को केवल यह ध्यान रखना है कि किसी भी चीज की अधिकता, चाहे शाकाहारी चाहे मांसाहारी, शरीर के लिए नुकसानदायक होती है। इस विषय को और गहराई से समझने के लिए ये वीडियो देखें।