A-30 सकरा मार्ग या चौड़ा मार्ग?

पवित्र शास्त्र बाइबल हमें सिखाती है कि मनुष्य, जो परमेश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है, आरम्भ में परमेश्वर के साथ संगति करता था, परंतु परमेश्वर की आज्ञा ना मानने के कारण मनुष्य ने पहला पाप किया और अपने पापमय स्वभाव के कारण वह परमेश्वर से दूर हो गया। लेकिन परमेश्वर ने अपने प्रेम के कारण मनुष्य से दोबारा संगति स्थापित करने के लिए एक मार्ग निकाला। वह मार्ग है अपने पापों से मन फिराकर प्रभु यीशु मसीह के बलिदान पर विश्वास करना और उसके बताए रास्ते यानी पवित्र शास्त्र बाइबल के वचनों पर चलना। बाइबल साफ तौर पर हमें यह बताती है कि मनुष्य को अनंतकाल का जीवन देने वाला यह मार्ग एक सकरा मार्ग है क्योंकि अपने पापों से मन फिराकर परमेश्वर के रास्ते पर चलने वाले लोग इस संसार में बहुत कम हैं। संसार में ज्यादातर लोग अपनी शारीरिक अभिलाषाओं के कारण अपने ही चौड़े मार्ग पर चलना चाहते हैं जो उन्हें विनाश की ओर ले जाता है। बाइबल हमें यह भी सिखाती है कि जो मनुष्य परमेश्वर के सकरे मार्ग को चुनता है, परमेश्वर उसका मार्गदर्शन करता है जिससे वह इस जीवन में शांति और आनंद पाता है और मृत्यु के पश्चात स्वर्ग जाता है। अब क्योंकि परमेश्वर प्रेम का परमेश्वर है, इसलिए वह मनुष्य को स्वयं से चुनने का अधिकार देता है - फिर चाहे मनुष्य परमेश्वर द्वारा आशीषित सकरा मार्ग चुने या फिर संसार का विनाशकारी चौड़ा मार्ग l परमेश्वर के सकरे मार्ग के विषय में और अच्छे से समझने के लिए ये वीडियो देखें।

https://youtu.be/2yXsffvKoZM

https://youtu.be/X0PhDsgTC70