A-41 परमेश्वर एक और जातियाँ अनेक क्यों?
क्या कभी आपने सोचा है कि अगर परमेश्वर एक है तो संसार में अलग-अलग रंग-रूप के लोग, अलग-अलग भाषाएँ और अलग-अलग धर्म क्यों है? इसका जवाब सिर्फ बाइबल में मिलता है जो परमेश्वर का वचन है।
“सत्य” की एक विशेषता यह है कि सत्य कभी छिपता नहीं और उसका प्रकाश चारों और अवश्य फैलता है। सत्य मनुष्य के मानने या ना मानने पर निर्भर नहीं होता। अगर कोई निष्पक्ष मन से सत्य को ढूंढें, तो उसे पृथ्वी के कोने-कोने में बाइबिल के सत्य की छाप मिल जायेगी l
केवल बाइबिल हमें सिखाती है कि मनुष्य के बनाने के पीछे परमेश्वर का क्या उद्द्येश्य था, मनुष्य संसार में कैसे फैला, अलग-अलग रंग-रूप और भाषाएँ कहाँ से आए, कैसे मनुष्य ने अपने पापमय स्वभाव के कारण अलग-अलग धर्मों की स्थापना की इत्यादि l इन सब विषयों को विस्तार से जानने के लिए हमारे ये विडियो देखिये -
https://youtu.be/Eoa2APHTjKs
https://youtu.be/nsv1zrPgu_o
https://youtu.be/HBRTSJY-aTo
https://youtu.be/91nF4nrK-20
https://youtu.be/Ti4m3UtncqM
https://youtu.be/5bmS6sL__Bo